किसी को खाना खिलाने मे मशक्कतें:
किसी को Rs. 100 नकद गिफ्ट करने से ज्यादा सवाब Rs. 100 का खाना खिलाने मे है। क्योंकि खाना खिलाने मे ज्यादा मशक्कत उठाना पड़ता है।
गिफ्ट मे किसी को खाना खिलाने की मशक्कतें:
1: मेहमान से खाने की क्वालिटी की शिकायत मिलने की संभावना बनी रहती है।
2: किसी आइटम की फरमाइश की संभावना बनी रहती है।
3: खाना पार्सल मांगने की संभावना बनी रहती है।
4: एक की दावत पर, 'हम दो आदमी हैं', की संभावना बनी रहती है।
5: 'मैं देर हो जाउंगा, खाना घर पर भेज दें', इसकी भी संभावना बनी रहती है।
6: अगर किसी त्योहार या किसी फंक्सन के बिना सिर्फ सवाब की नियत से दावत दे रहे है तो भी कुछ लोगों द्वारा 'दावत का कारण' के पीछे लगे होने की संभावना बनी रहती है।
बेशक, खाना खिलाने मे मशक्कते हैं, लेकिन इसमे सवाब बहुत है। इसलिए लोगों को खाना खिलाते रहिए।
गरीब को खिलाएं, अमीर को खिलाएं।
दोस्त को खिलाएं, दुश्मन को खिलाएं।
कै़दी को खिलाएं, आजाद को खिलाएं।
अपनो को खिलाएं, गैरों को खिलाएं।
नेक को खिलाएं, बद को खिलाएं।
सब मे नेकी है।