Sach Me Hai Dam, A Blog of Truth, मोहम्मद खुर्शीद आलम, Mohammad Khurshid Alam, MKA, Civil Engineer, Quantity Surveyor, Writer, Blogger, YouTuber, Construction Industry, Job And Knowledge, CIJK By Engineer Khurshid, CIJK, Engineer Khurshid, Recruitment, Engineering Jobs, Civil, Electrical, Mechanical, Chemical and All Branch, Sach Me Hai Dam, A Channel of Truth, Hindi, English, Urdu, Magahi, Religion, Society, Humanity, Honesty, Politics, Current Affairs, India, World and many more Topics
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Sunday, October 8, 2023
Population of All Castes of Muslims in Bihar 2023
Thursday, June 17, 2021
Ordnance Factory Board i.e. OFB
From yesterday i.e. 16.06.2021, it is in news and a matter of discussion due to new announcement of India Government.
Yesterday, Indian Government has announced to dissolve Ordnance Factory Board i.e. OFB and to replace by 7 new Defence Public Sector Undertakings, which will oversee the 41 ordnance factories across all over India.
The cabinet of India Government, yesterday, approved the creation of the entities, which will be 100 percent owned by the government.
Tuesday, October 13, 2020
बिहार का अगला मुख्यमंत्री या तो तेजस्वी होंगे या उपेन्द्र कुशवाहा या भाजपा से कोई भी Next CM of Bihar will be Tejaswai or Upendra or anyone from BJP
बिहार का अगला मुख्यमंत्री या तो तेजस्वी होंगे या उपेन्द्र कुशवाहा या भाजपा से कोई भी Next CM of Bihar will be Tejaswi or Upendra or anyone from BJP
मेरी राय मे बिहार अगला मुख्यमंत्री या तो तेजस्वी होंगे या उपेन्द्र कुशवाहा या भाजपा से कोई भी। नीतीश को चिराग इतना कमजोर करेंगे कि वे अब CM पोस्ट क्लेम ही नही कर पाएँगे।
AIMIM के समर्थन से उपेन्द्र कुशवाहा पहले से मजबूत होंगे। मुस्लिम, दलित, कोईरी जाति समेत कई पिछडी जाति का अच्छा खासा वोट इस गठबंधन को मिलने की उम्मीद कर सकते हैं।
भाजपा प्रेमी जदयू को कमजोर और लोकजन शक्ति पार्टी को मजबूत कर सकते हैं ताकि CM पोस्ट क्लेम कर सकें।
Sunday, October 11, 2020
रामविलास पासवान कर्मठ इंसान भी कहलाए, और राजनीति के मौसम वैज्ञानिक भी, आखिर क्यों? Ram Vilas Paswan
रामविलास पासवान कर्मठ इंसान भी कहलाए,
और राजनीति के मौसम वैज्ञानिक भी,
आखिर क्यों? जानिए इस वीडियो मे।
#रामविलासपासवान,
#RamVilasPaswan, #ChiragPaswan, #BiharElection2020,
Thursday, August 6, 2020
कांग्रेस अगर भाजपा मे विलय कर ले तो.....
कांग्रेस अगर भाजपा मे विलय कर ले तो देशवासियों को कम से कम दो फायदे होंगे:
1. कांग्रेस के नाम पर वोट देने वाले गुमराह होने से बच जाएँगे।
2. भाजपा को जो मेहनत राज्य की कांग्रेस सरकार को गिराने मे करनी पड़ती है वह मेहनत कहीं और काम मे आ सकती है।
Monday, April 29, 2019
कन्हैया कुमार के गुण (Merits of Kanhaiya Kumar)
Friday, March 29, 2019
बेगुसराय से कन्हैया को जीतना चाहिए (Kanhaiya should win from Begusaray)
राष्ट्रीय जनता दल द्वारा कन्हैया कुमार को बेगुसराय लोकसभा सीट से समर्थन न देना निंदनीय है। भविष्य मे इसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ सकता है जो कि साम्प्रदायिकता, गरीबी, कुपोषण से लड़ने का दावा करती है।
जिनके लिए कन्हैया का स्वर्ण होना पाप है, क्या वे ऐसा इरादा कर सकते हैं कि किसी भी पार्टी के किसी भी स्वर्ण को वोट नहीं करेंगे। मेरी राय तो यह है कि उम्मीदवार चाहे किसी भी धर्म या किसी भी जाति से हो, अगर वह न्यायप्रिय पार्टी से हो, आपका और देश का हित चाहता हो, तो उसका समर्थन कीजिए।
Sunday, September 30, 2018
जजों के मनमाफिक फैसले (Judgement from Judge's Opinion)
यह तो सब कोई जानता है कि भारत मे कानून बनाने और कानून खत्म करने का अधिकार भारतीय संसद को है। जजों का काम बने हुए कानून के आधार पर फैसला सुनाना है। लेकिन यह आजकल उल्टा हो गया है। जज अपनी विचारधारा और अपनी पसंद से फैसले सुना रहे हैं और एक ही झटके मे अपने आदेश से पुराने कानून को खत्म कर रहे हैं।
समलैंगिकता और व्यभिचार से संबंधित कानून को खत्म करना इसका ताजा उदाहरण है। मुस्लिम पर्सनल लाॅ होते हुए भी जजों के कई फैसले भी इसके खिलाफ पाए गए हैं।PO
मेरा मानना है कि जजों को अपने फैसले बने हुए कानून के आधार पर देना चाहिए न कि अपनी पसंद और अपनी विचारधारा के आधार पर। किसी कानून को खत्म करने और नया कानून बनाने का काम संसद पर छोड़ देना चाहिए।
Tuesday, August 7, 2018
दफनाना ब्राह्मणवाद का विरोध दर्शाना है
Sunday, February 5, 2017
उत्तर प्रदेश चुनाव मे AIMIM, पीस पार्टी, राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल को वोट कीजिए (Vote for AIMIM, Peace Party and RUC in Uttar Pradesh)
Vote for AIMIM, Peace Party and RUC in Uttar Pradesh
उत्तर प्रदेश के मुसलमान किस पार्टी को वोट देंगे, पढ़िए मेरा पूरा ब्लाॅग इस लिन्क पर।
#नोटबंदी
Friday, January 27, 2017
उत्तर प्रदेश चुनाव: मुसलमान असमंजस मे (Uttar Pradesh Elections: Muslims Are Confused To Vote)
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव २०१७ रोमांचक स्थिति में है. श्री अखिलेश यादव ने अपने पिता श्री मुलायम सिंह यादव और चाचा श्री शिवपाल सिंह यादव को हराकर पहली बाधा पार कर ली. कांग्रेस से गठबंधन कर के श्री अखिलेश ने दूसरी बाधा भी पार कर ली है. कांग्रेस से गठबंधन के पहले स्थिति साफ़ नहीं थी कि मुकाबला किसके बीच में है. अब यह बात साफ़ हो गई है कि मुकाबला त्रिकोणीय होगा, बाज़ी कौन मारेगा , वोटों की गिनती के बाद ही पता चलेगा. नोटबंदी की मार झेल रही जनता भाजपा को तीसरे स्थान पर भेज सकती है. सुश्री मायावती की बसपा पहले नंबर पर आती है या सपा-कांग्रेस गठबंधन, कुछ कहा नहीं जा सकता. श्री असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी “ऐमिम’’(AIMIM) कुछ सीटें प्राप्त कर उत्तर प्रदेश मे अपनी उपस्थिति पांचवीं पार्टी के रूप में दर्ज करा सकती है.
Wednesday, October 5, 2016
शहाबुद्दीन मुस्लिमों के रहनुमा नहीं बन सकते (Shahabuddin can't be leader of Muslims)
राजद के पूर्व सांसद और दबंग नेता मो० शहाबुद्दीन आजकल चर्चा के केंद्र में हैं. हर कोई उनकी चर्चा कर रहा है चाहे उनके विरोधी हों या फिर समर्थक. कुछ दिन पहले तक शायद उनको भी यह अहसास नहीं होगा कि उनकी चर्चा सिर्फ देश में नहीं बल्कि विदेशों में भी होगी. उनकी सनसनी अगर पूरी दुनिया में है तो इसका क्रेडिट भारतीय मीडिया और भारतीय जनता पार्टी को जाता है.
Monday, October 3, 2016
शराब निर्माण और पैकिंग एवं बॉटलिंग भी बंद हो (Production, bottling and packing of liquor should be banned also in Bihar)
एक तरफ बिहार सरकार बिहार में शराबबंदी को सफलता से लागू करने में जी जान से जुटी हुयी है तो दूसरी तरफ बिहार में शराब निर्माण (दुसरे राज्यों में आपूर्ति के लिए) और इसके पैकिंग एवं बॉटलिंग को बढ़ावा दे रही है. सरकार का यह दूसरा कदम हास्यास्पद और घोर निराशाजनक है.
Wednesday, August 24, 2016
बिहार में शराबबंदी पर नीतीश को फ़ायदे भी चुनौतियां भी (Benefits and challenges for Nitish Kumar on liquor ban in Bihar)
बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने बिहार में शराबबंदी लागू करके बहुत बड़ा पुण्य का कार्य किया है. इससे पूरे बिहार में शांति का माहौल बना है. वैसे तो हर बिहारवासी इससे लाभान्वित हुआ है पर महिलाएँ और दलित-पिछड़े ज़्यादा लाभान्वित हुए हैं क्योंकि इस दुर्व्यसन के ज़्यादा शिकार और पीड़ित यही थे.
२. गुजरात में पहले से शराबबंदी है पर इसका श्रेय भारतीय जनता पार्टी नहीं ले सकती क्योंकि यह कॉंग्रेस के जमाने से है. प्रधानमंत्री के ‘गुजरात मॉडल’ में भी यह शामिल नहीं है. अगर इसे इसमें शामिल करते तो भाजपा शासित अन्य प्रदेशों में भी इसे लागू करना पड़ता जो कि मुश्किल कार्य है.
३. शराब व्यवसाय में ज़्यादा भागीदारी पूंजीपतियों की है जिसका अधिकांश समर्थन भाजपा को है.
४. श्री नीतीश कुमार की इस अच्छी छवि से सहयोगी पार्टियों में भी बेचैनी है क्योंकि इसका क्रेडिट सिर्फ़ नीतीश कुमार को मिल रहा है क्योंकि उन्हीं का यह चुनावी वायदा था जिसे सरकार बनने के बाद पूरा किया.
५. हर पार्टी में कुछ नियमित शराब पीने वाले हैं, उनको इस शराबबंदी से तकलीफ़ है. वे चाहते हैं कि श्री नीतीश कुमार यह फ़ैसला वापस ले लें.
१. जो लोग शराब के आदि थे वे इसे कैसे भी हासिल करना चाहते हैं.
२. पड़ोसी राज्यों मे शराबबंदी नहीं है.
३. बुरे तत्व अधिक आय की लालच में या तो इसे पड़ोसी राज्यों से लाकर लुके-छिपे बेच रहे हैं या अवैध ढंग से बिहार में ही निर्माण कर रहे हैं.
४. पुलिसकर्मियों पर काम का दबाव बढ़ गया है.
५. विपक्षी राजनीति की वजह से सब लोग सरकार का साथ नहीं दे रहे हैं.
श्री नीतीश कुमार का यह फ़ैसला जनहित में है. सभी देशवासियों को उन्हें इस मसले पर समर्थन देना चाहिए और पूरे भारत में शराबबंदी लागू करने के लिए आंदोलन करना चाहिए. शराबियों को आदत से छुटकारा पाने में वक़्त लगेगा और अच्छे परिणाम आने में भी. शराबियों की हाय-तौबा पर ध्यान न देकर श्री नीतीश कुमार अपने फ़ैसले पर अडिग रहें और शराब पीने से होने वाले नुक़सान का ज़ोर-शोर से प्रचार करते रहें.
Sunday, April 17, 2016
समाजवादी पार्टी से मुस्लिमों का मोहभंग (Muslims are annoyed from Samajwadi Party)
उत्तर प्रदेश के पिछले विधानसभा चुनाव मे पिछड़ी जाति ख़ासकर यादव और मुस्लिमों के सपा की ओर ध्रुवीकरण से सपा को अप्रत्याशित जीत मिली थी पर इस समय यह समीकरण बिखराव पर है. सत्ता मे आने के बाद से समाजवादी पार्टी राज्य मे दंगों को रोकने मे नाकाम रही जिससे मुस्लिमों का मोहभंग होना शुरू हो गया. मुसलमानों के लिए किए अधिकांश वादे खोखले साबित हुए. इस मोहभंग को भुनाने मे ओवैसी की पार्टी सबसे ज़्यादा कामयाब हुई है. लेकिन सत्ता तो इनके बूते नही इसलिए फिर से मायावती को नेता चुनने के लिए तैयार हैं.
Thursday, March 26, 2015
क्या SP और BJP के बीच सांठ-गांठ है? (Is any hidden alliance between SP and BJP?)
समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच सांठ-गांठ के आरोप कई बार पढ़ चुका हूँ लेकिन मुझे यकीन कभी नहीं हुआ और अधिकांश लोग भी यकीन नहीं करते होंगे। कारण साफ है कि खुले में दोनों पार्टियां एक दूसरे की घोर विरोधी हैं। जहां भारतीय जनता पार्टी के नेता और समर्थक बाबरी मस्जिद विध्वंस के आरोपी बने, वहीं समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने बाबरी मस्जिद की सुरक्षा के लिये तथाकथित 'रामभक्तों' पर गोलियां चलवाईं। जहां भारतीय जनता पार्टी मुसलमानों को दिये 5% आरक्षण भी छीन लेती है, वहीं समाजवादी पार्टी मुसलमानों को 18% आरक्षण देने की बात करती है (यह अलग बात है कि देती 1% भी नही है)।
Wednesday, March 4, 2015
आप, हम और तुम (AAP, HAM And TUM)
दिल्ली विधानसभा चुनाव में 'आप' की अप्रत्याशित सफलता से प्रेरित होकर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री श्री जीतन राम माँझी और उनके समर्थकों ने 'हम' (हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा) नाम की पार्टी बना ली। श्री माँझी और उनके समर्थकों को पूरी उम्मीद होगी कि ऐसा नाम रखने से उन्हें बिहार में भी वही सफलता मिलेगी जो सफलता दिल्ली में 'आप' को मिली है। अगर उनकी उम्मीद सही साबित हुई तो फिर ऐसे पार्टी नामों की झड़ी लग जायेगी जिनके संक्षेप 'तुम', 'वह', 'लोग' आदि शब्द बनते हों।
'आप' कहीं 'तुम' न बन जाये?
कुछ दिनों से प्रशांत भूषण और योगेन्द्र यादव की जो खबरें आ रही है, उससे लगता है कि 'आप' मे कुछ गडबड है। दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविन्द केजरीवाल ने अपने कार्यकर्ताओं को अप्रत्याशित जीत से उत्साहित होकर घमंड न करने की सलाह दी थी लेकिन लगता है कि सबसे ज्यादा घमंड उन्हीं में आ गया है। अगर श्री केजरीवाल के समर्थक प्रशांत भूषण और योगेन्द्र यादव को हाशिये पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं तो उनका मौन समर्थन जरूर होगा। अगर श्री केजरीवाल यह समझते हैं कि दिल्ली की जनता ने सिर्फ उनके नाम पर वोट दिया है तो उनकी यह भूल होगी। दिल्ली की जनता ने 'आप' को वोट दिया है और श्री केजरीवाल को नेता माना है।
Tuesday, February 17, 2015
प्री-पोल सर्वे पर रोक लगाएं (Pre poll survey should be banned)
आजकल मीडिया समूह द्वारा एग्ज़िट पोल मतदान होने के बाद दिया जाता है। मेरी जानकारी मे यह पूर्व में मतदान के पहले ही प्रकाशित और प्रसारित किया जाता था। जब चुनाव आयोग ने इस पर प्रतिबंध लगाया तो मतदान के बाद प्रकाशित-प्रसारित किया जाने लगा। यह उचित भी है, इसलिये मैं एग्ज़िट पोल के इस रूप पर कोई शिकायत नहीं कर रहा।
पिछले लोकसभा चुनाव में प्री-पोल सर्वे भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में थे। फिर नतीजे इसी पार्टी के पक्ष में आये और वोट प्रतिशत तथा सीटें अनुमान से ज्यादा बढ गईं। यही हाल दिल्ली के विधानसभा चुनाव में हुआ और प्री-पोल सर्वे का लाभ यहाँ आम आदमी पार्टी को मिला।
The Chief Election Commissioner,
Election Commission, New Delhi, India
Subject: Pre-Poll Survey should be banned
Sir,
Now a days, Media Group publishes and broadcasts the Exit Poll after poll. In my knowledge, before few years, it was published and broadcasted before the poll. The EC banned the exit poll to publish and broadcast before the poll then it started to publish and broadcast after the vote. It is appropriate, therefore I do not have any complaints on this form of exit polls.
My complaint is about the pre-poll survey. The former is similar to the exit polls which you banned. I think it affects people's mind before polling. The results of the Loksabha elections and to look at the recent assembly elections in Delhi, you will have realized the truth in my complaint.
The last pre-poll survey were in favor of BJP. The results came back and vote in favor of the party and the seats were growing faster than anticipated. That happened in the recent assembly elections in Delhi also and AAM AADMI PARTY got benefited from pre-poll survey.
So you are kindly requested to ban on every kind of pre-poll survey after your notification of elections.
Sunday, January 11, 2015
आरक्षण खत्म करने का समय (Reservations should be end)
Saturday, December 27, 2014
RJD और JDU में गठबंधन हो तो बेहतर (Alliance is better than merger of RJD and JDU)
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