मुफ्ती साहब कल इशा नमाज के बाद सलाम की फजी़लत और आदाब बताए:-
1. एक मुसलमान का दूसरे मुसलमान पर हक़ है कि वो सलाम करे या उसका जवाब दे।
2. सलाम अल्लाह के नामों मे से एक नाम है।
3. सलाम मे पहल करने वाला तकब्बुर (घमंड) के गुनाह से बचता है।
4. एक हदीस का माफूम है: सलाम को खूब फैलाओ ताकि तुम बुलंद हो जाओ।
5. छोटा बडो़ं को सलाम करे।
6. छोटी जमात बडी़ जमात को सलाम करे।
7. जमात का कोई एक सलाम करता है तो पूरी जमात के तरफ से हो जाता है।
8. चलने वाला बैठे को सलाम करे।
9. सलाम इसके सही अल्फाज़ से कहे, 'अस्सलामु अलैकुम'। इसमे 10 नेकी है।
10. इसके बाद 'व रहमतुल्लाहि' कहेंगे तो 10 नेकी और मिलेगी।
11. इसके बाद 'व बरकातहु' कहेंगे तो 10 नेकी और।
12. यानी पूरा सलाम करने पर 30 नेकी मिलेगी।
13. सलाम करना दुआ करना है और दुआ इबादत है।
14. सलाम मे कंजूसी करने वाला अपना नुकसान करता है।
15. सलाम जान-पहचान या अजनबी मुसलमान, सभी को करना चाहिए
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