कुछ महीने पहले एक मिठाई और नमकीन की दुकान के बाहर खडा़ था। विक्रेता ने गंदे पायदान को उठाया, झाडा़ और उसके झगह पर रख दिया। फिर बिना हाथ धोए मिठाई तौलने लगा। मैं बिना कुछ खरीदे वहां से निकल गया और आज तक दुबारा नहीं गया।
कुछ महीने पहले एक गन्ने जूस के ठेले से गन्ना जूस पिया। फिर देखा कि विक्रेता जुठे ग्लास को दो बाल्टी गंदे पानी मे डालकर धोता और फिर उसी ग्लास मे नये ग्राहक को सर्व करता। मैं आज तक दुबारा किसी ठेले वाले से कोई जूस नहीं पिया।
उदाहरण कई हैं। कोशिश करना चाहिए कि घर का बना खाएं-पिएं। और घर के बाहर से खाना-पिना पडे़ तो दुकानदार की स्वच्छता पर जरूर ध्यान दें।
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